सोशल मीडिया हुआ सुषमा स्वराज के विरुद्ध, एक ही दिन में कर दिया यह हाल…

तन्वी अनस सिद्दीकी और पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा से जुड़ा मामला शुक्रवार रात से तब बहुत रोचक हो गया जब सोशल मीडिया का एक बहुत बड़ा वर्ग विकास मिश्रा के समर्थन में आ गया। दरअसल तन्वी सिद्दीकी के नाम विवादित होने पर नियमों का हवाला देकर पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा ने उनका पासपोर्ट रोका था परंतु तन्वी सिद्दीकी ने इसे हिन्दू मुस्लिम रंग देते हुए मुस्लिम होने के कारण पसपोर्ट न बनाने की बात कहकर हड़कम्प मचा दिया। सुषमा स्वराज के मंत्रालय ने आनन फानन में मुस्लिम तुष्टिकरण करते हुए ईमानदार अधिकारी विकास मिश्रा का तबादला कर दिया और नियमों को ताक पर रखकर सिद्दीकी को पसपोर्ट दे दिया।
मामला प्रकाश में आने के बाद जनता में इस फैसले को लेकर रोष फैल गया और वे सोशल मीडिया पर अपने तरीके से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ उतर आए। ट्विटर पर जनता ने #ISupportVikasMishra ट्रेंड करा दिया, जिसपर 30 हज़ार से ज्यादा ट्वीट्स आए। इसके बाद कुछ राष्ट्रवादियों ने फेसबुक पर सुषमा स्वराज के ऑफिशियल पेज की रेटिंग गिराने का अभियान चलाया। जिसमें कई बड़ी फॉलोवर संख्या वाले राष्ट्रवादियों के समर्थन के बाद विकराल रूप ले लिया और आश्चर्यजनक रूप से एक दिन से भी कम में पेज की रेटिंग 4.6 से गिरकर 1.4 पर आ गई। इससे सुषमा स्वराज की लोकप्रियता पर भारी बट्टा लगा है। शुक्रवार शाम स्वराज के पेज पर करीब 2 हज़ार 1 स्टार रिव्यूज़ थे, जो शाम को 7 बजे आह्वान के बाद, 2 ही घण्टे में 3 हज़ार हो गए, व रेटिंग 4.4 हो गयी। सुबह 8 बजे तक साढ़े पांच हज़ार 1 स्टार रिव्यूज़ के साथ रेटिंग 4 पर आ गई और शनिवार दोपहर 1 बजे तक दस हज़ार 1 स्टार रिव्यूज़ के साथ रेटिंग 3.5 पर आ गई। पर इसके बाद नाटकीय ढंग से हुई तेज नकारात्मक वोटिंग से दो ही घण्टे में 25 हज़ार 1 स्टार रिव्यू से रेटिंग न्यूनतम 1.4 पर आ गयी। जिससे मंत्री को बेहद दबाव में ला दिया है।

शुक्रवार रात 8 बजे सुषमा स्वराज पेज की रेटिंग – 4.5

शनिवार सुबह 7:30 बजे सुषमा स्वराज पेज की रेटिंग – 4.0

शनिवार सुबह 11 बजे सुषमा स्वराज पेज की रेटिंग – 3.7

शनिवार दोपहर 3 बजे सुषमा स्वराज पेज की रेटिंग – 1.4 

इस अभियान से मंत्रालय बैकफुट पर आ गया है क्योंकि पूरे घटनाक्रम में कहीं न कहीं नियमों की भारी अनदेखी हुई है और जनता में व्यापक रोष देखने को मिला है। कई यूजर्स ने शिकायत की कि उनके फेसबुक अकाउंट्स रिपोर्ट व ब्लॉक किये जा रहे हैं। इसके बाद मंत्रालय के खिलाफ राष्ट्रवादी समुदाय में और भी अधिक रोष उत्पन्न हो गया है। गौरतलब है कि स्थिति में कोई सुधार न होता देख और विरोध कड़ा होता देख सुषमा स्वराज के पेज से रिव्यू और रेटिंग का ऑप्शन हटा लिया गया है|

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source: TheAnalyist

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